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Eid Milad un Nabi Naat: ईद मिलाद उन नबी के मौके पर जरूर पढ़ें ये खूबसूरत नात
Eid Milad un Nabi Naat: 'ईद उल मिलाद', जिसे 'ईद मिलाद उन्नबी' (मौलिद अल-नबी) भी कहा जाता है, पैगंबर मुहम्मद की यौम-ए-पैदाइश का प्रतीक है। ईद-उल-मिलाद के जश्न में कई तरह की रस्में शामिल होती हैं जिन्हें बड़ी श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। इन रस्मों में प्रार्थना, तिलावत और सभाएँ शामिल हैं जहाँ लोग पैगंबर की विरासत का सम्मान करने के लिए एक साथ आते हैं।
इन नातों के माध्यम से श्रद्धालु पैगंबर मुहम्मद के प्रति अपनी प्रशंसा और सम्मान व्यक्त करते हैं तथा मानवता के प्रति उनके योगदान और शिक्षाओं का जश्न मनाते हैं। भारत में ईद-उल-मिलाद का उत्सव सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथाओं का मिश्रण दर्शाता है। इस दिन सामुदायिक समारोह, जुलूस और मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएँ की जाती हैं।

नात की परंपरा उत्सवों में एक विशेष स्थान रखती है। नात काव्यात्मक अभिव्यक्तियाँ हैं जो पैगंबर के लिए धार्मिक प्रेम, भक्ति और सम्मान की भावनाओं को व्यक्त करती हैं। वे पैगंबर की महानता को खूबसूरती से प्रस्तुत करते हैं और उनके जीवन के महत्व को उजागर करते हैं। यहां हम लेकर आये हैं ईद मिलाद के मौके पर कुछ लोकप्रिय नात।
Amina Ka laal Aaya naat Lyrics In Hindi
अमीना का लाल आया,
आमिना का लाल आया
आगया वोह नूर वाला, जिस की उच्ची शान है
जिस की मिधअत मैं उतारा रब ने ए कुरान है
अमीना का लाल आया, आमिना का लाल आया
हो बयान कैसे फजीलत अमिना का चाँद की,
उस की तो हर हर अदा पर बोलता कुरान है
अमीना का लाल आया, आमिना का लाल आया
जो कहा मेरे नबी ने वोह हमेशा सच होवा,
हो बहू तस्लीम करता आज साइंस दान है
अमीना का लाल आया, आमिना का लाल आया
अमिना तुज को मुबारक तेरे घर जलवा फ़िगन,
आज वोह माह हे रिसालत नाबियुन का सुल्तान है
अमीना का लाल आया, आमिना का लाल आया
Sab Se Aula O Aala Hamara Nabi Naat Lyrics | 12 Rabi Ul Awal
सब से औला व आ'ला हमारा नबी, सब से बाला व वाला हमारा नबी
अपने मौला का प्यारा हमारा नबी, दोनों आलम का दूल्हा हमारा नबी
बज़्मे आख़िर का शम्झ फ़रोज़ां हुआ, नूरे अव्वल का जल्वा हमारा नबी
जिस को शायां है अर्थे ख़ुदा पर जुलूस, है वोह सुल्ताने वाला हमारा नबी
बुझ गईं जिस के आगे सभी मञ्जलें, शम्झ वोह ले कर आया हमारा नबी
जिस के तल्वों का धोवन है आबे हयात, है वोह जाने मसीहा हमारा नबी
अर्थो कुरसी की थीं आईना बन्दियां, सूए हक़ जब सिधारा हमारा नबी
ख़ल्क़ से औलिया औलिया से रुसुल, और रसूलों से आ'ला हमारा नबी
हुस्न खाता है जिस के नमक की क़सम, वोह मलीहे दिलआरा हमारा नबी
ज़िक्र सब फीके जब तक न मज़्कूर हो, न-मकीं हुस्न वाला हमारा नबी
जिस की दो बूंद हैं कौसरो सल-सबील, है वोह रहमत की दरिया हमारा नबी
जैसे सब का ख़ुदा एक है वैसे ही, इन का उन का तुम्हारा हमारा नबी
क़रनों बदली रसूलों की होती रही, चांद बदली का निकला हमारा नबी
कौन देता है देने को मुंह चाहिये, देने वाला है सच्चा हमारा नबी
क्या ख़बर कितने तारे खिले छुप गए, पर न डूबे न डूबा हमारा नबी
मुल्के कौनैन में अम्बिया ताजदार, ताजदारों का आक़ा हमारा नबी
ला मकां तक उजाला है जिस का, वोह है हर मकां का उजाला हमारा नबी
सारे अच्छों में अच्छा समझिये जिसे, है उस अच्छे से अच्छा हमारा नबी
सारे ऊंचों में ऊंचा समझिये जिसे, है उस ऊंचे से ऊंचा हमारा नबी
अम्बिया से करूं अर्ज़ क्यूं मालिको, क्या नबी है तुम्हारा हमारा नबी
जिस ने टुकड़े किये हैं क़मर के, वोह है नूरे वहूदत का टुकड़ा हमारा नबी
सब चमक वाले उजलों में चमका किये, अन्धे शीशों में चमका हमारा नबी
जिस ने मुर्दा दिलों को दी उम्र अबद, है वोह जाने मसीहा हमारा नबी
ग़मज़दों को रज़ा मुज़्दा दीजे कि, है बे कसों का सहारा हमारा नबी
Eid e Miladunnabi Hai Dil Bada Masroor Hai
ईदे मीलादुन्नबी है दिल बड़ा मसरूर है
हर तरफ है शादमानी, रन्जो-ग़म काफूर है
इस तरफ जो नूर है तो उस तरफ भी नूर है
ज़र्रा ज़र्रा सब जहां का नूर से मा'मूर है
हर मलक है शादमां खुश आज हर इक हूर है
हां ! मगर शैतान मअ रु-फक़ा बड़ा रन्जूर है
आमदे सरकार से ज़ुल्मत हुई काफूर है
क्या ज़मीं क्या आसमां हर सम्त छाया नूर है
जश्ने-मीलादुन्नबी है क्यूं न झूमें आज हम
मुस्कुराती हैं बहारें सब फ़ज़ा पुरनूर है
आमिना तुझ को मुबारक शाह की मीलाद हो
तेरा आँगन नूर, तेरा घर का घर सब नूर है
ग़मज़दो ! तुम को मुबारक, ग़म ग़लत हो जाएंगे
आ गया वो जिस के सदक़े हर बला काफूर है
आज दीवाने मदीने के सभी हैं शादमां
मीठे आक़ा की विलादत से हर इक मसरूर है
वो पिला मय अहले-महशर देखते ही बोल उठें
आ गया अत्तार देखो इश्क़ में मख़्मूर है
Ya Nabi Nazre Karam Farmana naat Lyrics In Hindi | Kalam-e-Ala Hazrat
या नबी नज़रे करम फरमाना
ऐ हसनैन के नाना
ज़हरा पाक के सदके हमको
तैबा में बुलाना
आप के दर का मैं हूँ भिखारी
आप हैं मेरे दाता
सारे रिश्ते नातों से है
प्यारा अपना नाता
आप तो हैं आता है जिनको
सबकी लाज निभाना
बे साया है लेकिन वो
जग पर है आपका साया
अर्शे मोह अल्ला बना मोहल्ला
दीद को रब ने बुलाया
हश्र तक न होगा किसी का
ऐसा आना जाना
सज गई है मीलाद की महफ़िल
क्या है खूब नज़ारा
कैफ़ो मस्ती में डूबा है
देखो आलम सारा
ढूंढ रही आपकी रहमत
बख़्शिश का बहाना
निस्बत का फैज़ान है देखो
खादिम-ए-गौस-ए-जली हूँ
करता है मुझ पे नाज़ ज़माना
मैं औसात-ए-अली हूँ
आपकी आल के दर का सग़ हूँ
और साहिल हूँ पुराना
या नबी नज़रे करम फरमाना
ऐ हसनैन के नाना...
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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