Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
कहीं वजन के कारण तो नहीं प्रेग्नेंसी में हो रही आपको परेशानी
अधिकर लोगों को इस बात की जानकारी है कि अधिक वजन या मोटापा होने से हार्ट रोग और मधुमेह जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि ओवरवेट होना सिर्फ आपके दिल पर ही जोर नहीं डालता है, बल्कि इससे आपकी फर्टिलिटी भी इफेक्ट होती है। इतना ही नहीं, अगर एक ओवरवेट महिला प्रेग्नेंट होती भी है, तो इससे उसके बच्चे के स्वास्थ्य को भी नुकसान हो सकता है। इसलिए, हमेशा यह सलाह दी जाती है कि प्रेग्नेंसी प्लॉन करने से पहले हेल्दी वेट मेंटेन किया जाए। तो चलिए आज इस लेख में आपको वजन और प्रेग्नेंसी से जुड़े आपसी संबंध के बारे में बता रहे हैं-

वजन महिलाओं की फर्टिलिटी को कैसे प्रभावित करता है?
अधिकतर महिलाओं को कम या अधिक वजन होने पर गर्भवती होने में कोई समस्या नहीं होती है। वहीं, ऐसी भी कई महिलाएं होती हैं, जिन्हें कंसीव करने में दिक्कत होती है। यह ज्यादातर ओव्यूलेशन की समस्या मसलन, अंडाशय से अंडे को रिलीज करने में विफलता के कारण होती है।
अगर बीएमआई 18.5 या उससे कम बीएमआई अक्सर अनियमित मासिक धर्म का कारण बनता है और इससे ओव्यूलेशन पूरी तरह से रुक सकता है। सामान्य से कम बीएमआई वाली महिलाओं को इस स्थिति के कारण को समझने और इसे ठीक करने के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लेना चाहिए। यह देखने में आता है कि मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में प्रेग्नेंसी की दर कम होती है।
ओवरवेट के कारण हो सकती हैं ये समस्याएं
अगर एक महिला ओवरवेट है और वह प्रेग्नेंसी प्लॉन करती है तो इससे उससे प्रेग्नेंसी पीरियड में अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मसलन, इसके कारण ना केवल मिसकैरिज होने की संभावना काफी बढ़ जाती है, बल्कि हाई ब्लड प्रेशर, गैसटेशनल डायबिटीज, सीजेरियन डिलीवरी यहां तक कि जन्म के समय स्टिलबर्थ भी हो सकता है।
मोटापा इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) की सफलता दर को भी कम करता है। अमूमन यह देखने में आता है कि ओवरवेट महिलाओं से पैदा हुए बच्चों को बचपन और बड़े होने के बाद भी मोटापे का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं, इससे लॉन्ग टर्म हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। ऐसे में अगर आप अपना थोड़ा सा भी वजन कम करती हैं तो इससे आप हेल्दी प्रेग्नेंसी प्लॉन कर सकती है। वजन कम करना इतना भी कठिन नहीं है। लेकिन इससे मां और बच्चे दोनों की सेहत में काफी सुधार होता है।
क्या मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में भी फर्टिलिटी की समस्या होती है?
अमूमन यह माना जाता है कि हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए महिला का वजन बहुत अधिक या कम नहीं होना चाहिए। लेकिन वास्तव में वजन पुरुषों को भी प्रभावित करता है। पुरुषों में मोटापा टेस्टोस्टेरोन के स्तर में बदलाव करने के साथ-साथ प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण अन्य हार्मोन को भी प्रभावित कर सकता है। कम शुक्राणुओं की संख्या और कम शुक्राणु मोटिलिटी सामान्य वजन वाले पुरुषों की तुलना में अधिक वजन वाले पुरुषों में पाए जाते हैं।
हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए अपनाएं ये टिप्स
अगर आप एक हेल्दी प्रेग्नेंसी कैरी करना चाहती हैं और इसके लिए अपना वजन नियंत्रित करना चाहती हैं तो ऐसे में आप कुछ आसान टिप्स को अपना सकती हैं। मसलन-
• एक हेल्दी बैलेंस्ड डाइट लेना शुरू करें, जिसमें आप सब्जियां, फलियां, फल, होल ग्रेन, दूध, दही, पनीर, लीन मीट, फिश, अंडे, सीड्स और नट्स का सेवन कर सकती हैं।
• चिप्स, बिस्कुट, फैटी मीट, पेस्ट्री, केक, फास्ट फूड और कन्फेक्शनरी आइटम्स का सेवन कम से कम रहें। मीड मील्स के दौरान अनहेल्दी स्नैकिंग करने से बचें।
• अपना वाटर इनटेक बढ़ाएं। इसके लिए पानी के अलावा छाछ, नारियल पानी व नींबू पानी आदि का सेवन करें।
• पोर्शन कण्ट्रोल पर विशेष रूप से ध्यान दें।
• खुद को अधिक एक्टिव रखने की कोशिश करें। पैदल चलने से लेकर सीढ़ियां चढ़ने जैसी नियमित फिजिकल एक्टिविटीज को अवश्य करें।
• प्रति सप्ताह आधा से एक किलोग्राम वजन कम करने का लक्ष्य रखें और इसलिए अपनी डाइट व वर्कआउट रूटीन का विशेष रूप से ध्यान रखें।



Click it and Unblock the Notifications











