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सोते हुए बच्चें को कैसे डकार दिलाएं, ये स्टेप्स कर सकते हैं आपकी मुश्किलें हल
ब्रेस्टफीडिंग या बोतल फीडिंग करने वाले बच्चों को फीडिंग के बाद डकार दिलाना बेहद जरुरी होता हैं। बड़े बच्चों और वयस्कों की तुलना में शिशुओं के लिए डकार लेना ज्यादा जरुरी होता है। दरअसल दूध पीते समय बच्चें हवा भी निगल लेते हैं। ऐसे में डकार अंदर गई एयर को बाहर निकालने में मदद करती है।
एयर के अंदर जाने से बच्चें गैस या पेट दर्द की प्रॉब्लम से अच्छे से सो भी नहीं पाते हैं। नतीजन गैस दर्द से वो जग जाते हैं और रोने लगते हैं। इसलिए डॉक्टर भी शिशु को फीड करवाने के बाद डकार दिलाने की सलाह देते हैं। कई बार बेबी दूध पीते हुए ही सो जाते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को सोते हुए शिशु को डकार दिलाना सबसे बड़ा चैलेंज लगता है।

यदि आप भी नींद के दौरान अपने बच्चे को डकार दिलाने के आरामदायक तरीके ढूंढ रहे हैं, तो इस आर्टिकल को जरुर पढ़े। एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि अगर शिशु फीड करते हुए भी सो गया है, तो उसे गोद में लेकर कंधे पर सहारा देकर डकार दिलाने की कोशिश करें नहीं तो वह उसके पेट में दर्द और गैस की समस्या के साथ जाग सकता है। इसके अलावा बच्चें का डकार लेना इस बात का प्रमाण भी होता है कि उसने अच्छे से फीड ली है।
क्या होता है अगर बच्चा डकार नहीं लेता है?
यदि कोई बच्चा डकार नहीं लेता है और सो जाता है, तो वह उल्टी कर सकता है और वो चिड़चिड़ा भी हो सकता है। यदि शिशु स्वेच्छा से डकार नहीं ले रहा है, तो पैरेंट्स को पता होना चाहिए कि सोने से पहले कैसे उन्हें डकार दिलाएं।
1. गोद में लिटाकर
शिशु को गोद में लिटाएं। अगर महिला चेयर पर बैठी है तो अपने पैरों को आपस में जोड़कर शिशु को पेट के बल अपने घुटने पर लेटा लें। अब उसकी पीठ पर धीरे-धीरे थपकी दें ताकि डकार आ सके। इस पॉजिशन में बेबी की नींद भी खराब होगी और इस पॉजिशन में सोते हुए शिशु को डकार दिलाना भी आसान है।
2. कंधे के ऊपर लिटाकर
कंधे के ऊपर लिटाने से बच्चों को जल्दी डकार आ जाती हैं। शिशु को कंधे के ऊपर सहारा देकर, उसे कमर के नीचे से होल्ड करके रखें। इसके बाद उसकी पीठ हल्के हाथों से थपकी दें। मां के कंधे के प्रेशर से बच्चें के पेट से गैस को रिलीज करने के लिए पुश करता है। यह एक आसान पॉजिशन है। ये सोते हुए और जागते हुए दोनों बच्चों को जल्दी डकार दिलाने में मदद करता है।
3. छाती से दिलाएं डकार
यदि आपका शिशु कंधे की डकार के दौरान उठ जाता है, तो चेस्ट बर्पिंग मैथड (chest burping methods) यानी छाती से डकार दिलाने के तरीके आजमाएं। इससे अधिक आरामदायक महसूस हो सकता है। और फीड लेने के बाद लंबा सो सकते हैं।
बच्चे को धीरे से छाती के पास उठाएं, एक हाथ बच्चें की छाती पर रखें और एक हाथ उसकी पीठ पर रखें। उनके पैरों को फैलाने के बजाय शिशु के शरीर को थोड़ा मुड़ी हुई स्थिति में ही रहने दें। यह स्थिति उन्हें सोने में भी मदद करती है। अपने बच्चे की पीठ को अपने उस हाथ से सर्कुलर मोशन में रगड़ें जो उनकी पीठ पर है। जरुरी नहीं है कि पीठ रगड़ने से काम बनें इसलिए अपने बच्चे की पीठ पर हल्के हाथों से थपथपाने का प्रयास करें।
4. आर्म होल्ड
आर्म होल्ड विधि छोटे बच्चों के लिए एकदम सही हो सकती है, लेकिन बड़े बच्चों के साथ प्रैक्टिकल नहीं है। बच्चे की पीठ के नीचे एक हाथ रखें और उनके शरीर को अपनी बांह की कलाई पर टिका दें। यह स्थिति आपके बच्चे को दूध पिलाने के लिए भी उपयुक्त हो सकती है।
अब, ध्यान से उनके शरीर को घुमाएं और उन्हें अपने पेट के बल अपनी बांह की कलाई पर आराम करने दें। सुनिश्चित करें कि उनका सिर कोहनी के टेढ़ेपन में रखा गया हो। अपना हाथ उनके पैरों के बीच रखें और सुनिश्चित करें कि आप और आपका बच्चा स्थिर और आरामदायक हो। अपने बच्चे की पीठ को थपथपाएं या अपने दूसरे हाथ से धीरे से सर्कुलर मोशन में उनकी पीठ को रगड़ें।
एक बार जब आप ये कर लेते हैं, तो आप बच्चे को धीरे से अपने शरीर की ओर घुमा सकते हैं, और वे सोने या दूध पिलाने के लिए अपनी बाहों के बल लेट सकते हैं।
डकार आने में कितना समय लगता है
शिशु को डकार आने में एक या दो मिनट का समय लगता है। कई बार शिशु को कंधे पर उठाते ही डकार आ जाती है तो कभी इसके लिए मेहनत करना पड़ सकती है। इसके अलावा जब आप बेबी को ब्रेस्टफीडिंग या बॉटल फीडिंग कराते हुए ये नोटिस करते हैं कि बेबी को नींद आने लगी है, तो फीडिंग बंद कर दें और उसे डकार दिलाने की कोशिश करें इसके बाद उसे सोने के लिए बेड या पालने में लिटा दें।
कब शिशु को डकार दिलाए:
1. यदि आप बोतल से दूध पिला रही हैं , तो आपको हर दो से तीन औंस दूध के बाद उसे डकार दिलाने की जरुरत है।
2. यदि आप स्तनपान करा रही हैं, तो अपने बच्चे को हर बार स्तन बदलने पर डकार जरुरदिलवाएं। स्तनपान करने वाले कुछ शिशुओं को बार-बार डकार लेने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि वे दूध पीने के दौरान अधिक हवा नहीं निगलते हैं।
3. यदि आपके बच्चे ने कुछ समय बाद डकार नहीं ली है, तो फिर से दूध पिलाना शुरू करें। जरूरी नहीं है कि हर बच्चें को डकार दिलवाए।
4. यदि आपका शिशु निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाता है, तो आपको नियमित रूप से डकार दिलाना चाहिए - उदाहरण के लिए, बोतल से दूध पिलाने के दौरान दूध के प्रत्येक औंस के बाद या स्तनपान के दौरान हर पांच मिनट में:
- वह गैसी है
- वह बार-बार उल्टी करता है
- उन्हें गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) है
- वह बहुत उतावला दिख रहा है।
- दूध पिलाने के बाद, अपने बच्चे को 10 से 15 मिनट तक सीधी स्थिति में रखें। यह बेबी को उल्टी करने से रोकने में मदद कर सकता है।
- यदि वह उल्टी करता है या जीईआरडी की स्थिति लगे, तो आपको उसे लंबे समय तक डकार कराने की आवश्यकता हो सकती है।



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