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विश्व जल दिवस पर जाने कि बच्चें को पहली बार पानी कब पिलाएं?
नई माएं अक्सर अपने शिशु को पहली बार पानी पिलाने के बारे में चिंतित रहती हैं कि कब शुरु करें और कितना पानी पिलाएं इसके अलावा ऐसे कई सारे सवाल उनके दिमाग में घूमते रहते हैं। डॉक्टर भी हिदायत देते हैं कि जब तक शिशु छह महीने का न हो जाएं तो उससे पहले उसे पानी नहीं पिलाना चाहिए।
इस दौरान तक बच्चें को सिर्फ स्तनपान ही करवाना चाहिए। जब कि जहां एक और पानी हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्व हैं, जो न सिर्फ हमारी शरीर में प्यास को बुझाती है बल्कि शरीर में बहुत सारे काम आती हैं। क्यों शुरुआती छह महीनों में बच्चों को पानी नहीं पिलाना चाहिए। आइए जानते हैं-

1 से 3 माह के बच्चें
बच्चों को जन्म के 3 माह तक पानी नहीं पिलाना चाहिए। ज़्यादा पानी पिलाने से ओरल वाटर इंटोक्सिकेशन हो सकता है और यह बच्चे के दिमाग और हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है। ज़्यादा पानी से बच्चे का पेट भी भर जाएगा और वह दूध नहीं पिएगा।

बच्चें रहते हैं हाइड्रेड
बच्चें के डिहाइड्रेशन को लेकर चितिंत न हों। ब्रेस्टफीड के जरिए बच्चें हाइड्रेड रहते हैं। ब्रेस्टमिल्क में भी पानी को अंश होता हैं।

4 से 6 महीने
इस समय पानी पिलाना नुकसानकारी नहीं है, लेकिन इस समय भी इसकी सलाह नहीं दी जाती। स्तन के दूध से इसकी पूर्ति हो जाएगी। दूध से पोषण भी मिल जाता है, प्यास और भूख भी मिट जाती है। फिर भी, दूध पीने वाले बच्चे को गर्मी के दिनों में थोड़ा पानी पिलाया जा सकता है।

6 महीने से कम के
बच्चे को पानी पिलाने के नुकसान जब आपको पता चल गया है कि बच्चे को पानी कब पिलाएँ तो इन बातों को ध्यान रखें। बच्चे को ज़्यादा पानी पिलाने से उसे दूध व बेबी फीड का पोषण ठीक तरह नहीं मिलेगा। जब बच्चे का फीड बनाएँ तो उस पर लिखे निर्देश ध्यान से पढ़ें। बताई गई पानी की मात्रा ही डालें।

जब ठोस आहार लेना शुरु करें
जब आपका बेबी ठोस आहार लेना शुरु करता है तो उन्हें कुछ भी खिलाने के बाद बहुत ही कम मात्रा में पानी दिया करें ताकि कब्ज की समस्या ना हो। लेकिन पानी को दूध से रिप्लेस ना करें।

चम्मच से पिलाएं पानी
जब आप अपने बच्चें को पानी पिलाना शुरु करती हैं तो उसे पानी की बोतल न पकड़ा दें, दूध की बोतल की तरह। कोशिश करें कि अपने बच्चें को चम्मच से ही आप पानी पिलाएं ।

इस तरह से दें
आपका शिशु जैसे जैसे एक साल का होता जाएगा, पानी की खुरो उसकी बढ़ती जाएगी। अगर आपको बेबी को आवश्यक मात्रा में पानी पिलाने में समस्या आ रही है तो पानी को अलग-अलग तरीके से देना शुरू करें। उनके लिए रंग-बिरंगा सिप्पी कप लेकर आएं।आप बेबी को अधिक पानी युक्त भोजन जैसे तरबुज, अंगूर और तरह-तरह के सूप भी दे सकते हैं।

पानी का नशा
पानी का नशा ज़्यादा पानी के आदत से वाटर इन्फेक्शन हो सकता है। शरीर के एलेक्ट्रोलाइट संतुलन के बिगड़ने से ऐसा होता है। ज़्यादा पानी से सोडियम का कंसंट्रेशन कम होगा। इससे ओडेमा या फुलाव होगा। इसलिए उन्हें 6 माह से पहले पानी देना ठीक नहीं है।

छह महीनें नियमित स्तनपान
मां का दूध ही सबसे बेहतर! कोशिश करें कि 6 महीने तक बच्चा केवल माँ का दूध ही पिये। बच्चे को स्तनपान कम करवाने से डायरिया, निमोनिया जैसे जानलेवा बीमारियाँ भी बच्चे को हो सकती हैं।



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