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Zero Shadow Day: जानें क्या होता है जीरो शैडो डे और क्या है इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
25 अप्रैल 2023, मंगलवार के दिन बेंगलुरु के लोग एक दुर्लभ खगोलीय घटना का अनुभव करेंगे। कुछ पल के लिए होने वाली इस घटना के तहत शहर में खड़ी वस्तुओं की छाया नहीं रहेगी।
कर्नाटक की राजधानी में यह घटना दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर घटित होगी और इसे जीरो शैडो डे का नाम दिया गया है। इसे 'नो शैडो डे' भी कहा जाता है।

जीरो शैडो डे क्या है?
जीरो शैडो डे एक ऐसी घटना है जो साल में दो बार होती है। इस दौरान जब सूरज सीधे सिर के ऊपर होता है तब कोई छाया नहीं बनती है। इसके पीछे यह तथ्य है कि सूर्य पृथ्वी की सतह के बिल्कुल लंबवत है, जिससे छाया का निर्माण नहीं होता है।
इस घटना के दौरान, सूर्य पूरे वर्ष के किसी भी अन्य दिन के मुकाबले आकाश में अपने उच्चतम बिंदु पर होता है, जिससे सूर्य का एक अबाधित दृश्य देखा जा सकता है।
जीरो शैडो डे आमतौर पर साल में दो बार होता है और यह खगोलविदों और अन्य वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह उनके लिए सूर्य की गति और आकाश में इसकी स्थिति के अध्ययन के लिए एक सुनहरा मौका मुहैया कराता है। इस खगोलीय घटना को कुछ देशों में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में भी मनाया जाता है।
जीरो शैडो डे के पीछे का विज्ञान क्या है?
जीरो शैडो डे का विज्ञान सूर्य की तरफ पृथ्वी के झुकाव पर आधारित है। पृथ्वी के झुकाव के कारण ही हम विभिन्न ऋतुओं का अनुभव करते हैं। इससे यह भी निर्धारित होता है कि किसी भी समय सूर्य की किरणें हम तक कितनी पहुंचती हैं।
एक जीरो शैडो डे अर्थात शून्य छाया दिवस पर सूर्य सीधे सिर के ऊपर होता है, और छाया की लंबाई 0 होती है। ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि सूर्य की किरणें पृथ्वी से लंबवत कोण पर टकराती हैं।
इस झुकाव को क्रांतिवृत्त की तिर्यकता (obliquity of the ecliptic) के रूप में जाना जाता है और यही कारण है कि इन अक्षांश क्षेत्रों में सूर्य वर्ष में केवल दो बार सीधे सिर के ऊपर होता है।
जीरो शैडो डे के समय में भौगोलिक स्थिति के आधार पर पूरे वर्ष में थोड़ा सा बदलाव आता है। जीरो शैडो डे की तारीख दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिन की लंबाई के साथ-साथ पृथ्वी के झुकाव के कारण भी अलग-अलग होती है।
जीरो शैडो के दिन कैसा मौसम होता है?
नो शैडो घटना का मौसम पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है। अगर स्थानीय मौसमी प्रभावों को नजरअंदाज किया जाए तो आमतौर पर यह दिन उस इलाके का तेज गर्मी का दिन ही होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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