Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल
Paris Olympics 2024 : जिस भाले से गोल्ड के लिए निशाना लगाएंगे नीरज चोपड़ा, कितना होता है वजन? जानें कीमत
Paris Olympics 2024 : विनेश फोगाट ने 50 किलो भारवर्ग के फाइनल मुकाबले से डिस्क्वालीफाई होने के बाद से अब भारत की नजरें नीरज चोपड़ा पर हैं। नीरज से गोल्ड मेडल की उम्मीद है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस भाले से नीरज गोल्ड मेडल की रेस करेंगे वो कितना भारी होती है? नीरज ने टोक्यो ओलंपिक-2020 में गोल्ड मेडल जीता था।
इसके बाद से नीरज ने हर बड़े प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है और जिस वजह से उन्हें गोल्डन बॉय कहा भी जाता है। इसी कारण इस बार भी उनसे पेरिस ओलंपिक में मेडल की उम्मीद है।

नीरज चोपड़ा के भाले का वजन और लंबाई
वैसे इस खेल में भाले का वजन और लंबाई अलग-अलग होती है। पुरुषों के भाले का वजन 800 ग्राम और लंबाई 2.6 से 2.7 मीटर होती है। महिलाओं के भाले का वजन 600 ग्राम और लंबाई 2.2 से 2.3 मीटर होती है।
नीरज चोपड़ा के भाले की कीमत
यह 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ई-नीलामी में शामिल स्मृति चिन्हों में से एक था। 2022 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नीरज चोपड़ा के भाले को 1.5 करोड़ रुपए में खरीदा। ऑनलाइन स्टोर पर भाले की कीमत 930 रुपए से 80,000 रुपए तक है।
ओलंपिक में जेवलिन थ्रो का इतिहास
भाला फेंकना एक ऐसा खेल है जो हजारों साल पुराना है। पहले लोग शिकार करने के लिए भाला फेंकते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह एक खेल बन गया। ओलंपिक खेलों में भी जेवलिन थ्रो बहुत पहले से शामिल है। लेकिन पहले इसे अकेले खेल के तौर पर नहीं, बल्कि कई खेलों के एक सेट में शामिल किया गया था। बाद में इसे एक अलग खेल के तौर पर शामिल किया गया।
जेवलिन थ्रो के नियम
भाले को फेंकने के लिए एक खास तरह की जगह होती है जिसे रनवे कहते हैं। रनवे के आगे एक जालीदार जगह होती है जहां भाला गिरता है। भाले को एक ही हाथ से पकड़कर फेंका जाता है। इसे फेंकते हुए दस्ताने पहनने की इजाजत नहीं होती। भाले को कंधे से ऊपर ही रखकर फेंकना होता है।
भाला जितनी दूर गिरेगा, उतने ही नंबर मिलेंगे। भाले को जमीन पर टेक लगाना जरूरी नहीं है, बस जमीन को छू जाना काफी है। अगर किसी खिलाड़ी ने भाले को गलत तरीके से फेंका तो उसका नंबर नहीं गिना जाएगा। हर खिलाड़ी को भाला छह बार फेंकने का मौका मिलता है। सबसे ज्यादा दूर भाला फेंकने वाले खिलाड़ी को जीत मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications











