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Dunki में दिखाया हवाई जहाज चढ़ाने वाला वीजा गुरुद्वारा, जानें क्यों है फेमस?
Visa or hawai jahaj gurudwara know its interesting facts : पंजाबियों की विदेश जाने और वहां बसने की हसरत किसी नहीं छिपी है। शाहरुख खान की नई रिलीज फिल्म डंकी भी इसी से मिलती-जुलती है। विदेश जाने की चाह रखने वाले लोग क्या-क्या पापड़ नहीं बेलते हैं। इंग्लिश सीखने से लेकर गुरुद्वारे तक के चक्कर काटते हैं। मूवी एक सीन में दिखाया है, शाहरुख और तापसी विदेश जाने की मन्नत लेकर गुरुद्वारे पहुंचते हैं और वहां एयरोप्लेन भी चढ़ाते हैं।
दरअसल इस सीन में किसी और नहीं बल्कि हवाईजहाज चढ़ाने वाले वीजा गुरुद्वारे का दर्शाया गया है। यह बात खुद फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी ने मूवी रिलीज से पहले डंकी डायरीज वीडियो में बताई थी कि लोग यहां अपना पासपोर्ट चढ़ाने आते हैं। इसे वीजा गुरुद्वारा कहा जाता है।

पंजाब में वीजा गुरुद्वारा तमाम उन लोगों के बीच खूब फेमस हैं ,जो विदेश जाने की चाह रखते हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े खास बातें-
प्रसाद में चढ़ता है एयरोप्लेन
तलहन स्थित संत बाबा निहाल सिंह जी गुरूद्वारा के प्रति लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। इस गुरुद्वारे को आमतौर पर वीजा गुरुद्वारा या हवाईजहाज गुरुद्वारा भी कहा जाता है। इस गुरुद्वारे को लेकर लोगों का मानना है की यदि आपका पासपोर्ट नहीं बन पा रहा है या वीजा लगने में रुकावट आ रही है तो, खिलौने वाला हवाई जहाज़ प्रसाद में चढ़ाने से उसका पासपोर्ट बनने में आ रही अड़चनें दूर हो जाती है और वो जल्द ही विदेश पहुंच जाता है। विदेश जाने की चाह रखने वाला हर व्यक्ति अपनी परेशानी को टालने के लिए संत बाबा निहाल सिंह जी गुरूद्वारे में एक हवाईजहाज लेकर जरूर आता है और यहाँ आकर माथा जरुर टेकता हैं।

150 साल पुराना गुरुद्वारा
यह गुरुद्वारा कम से कम 150 साल से भी ज्यादा पुराना है। बताया जाता है कि बाबा निहालसिंह, जिनके नाम पर यह गुरुद्वारा है। वह ओजार बनाने वाले कारीगर थे। वो लोहे से नलकूप में लगने वाले सामान बनाया करते थे। और गाँव वाले मानते थे की उनके हाथ के बने हुए नलकूप का पानी कभी नहीं सूखता था। ऐसे ही काम करते हुए एक दुर्घटना में उनकी मुर्त्यु हो गई। तभी से उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया और उनकी समाधी पर इस गुरुद्वारे का निर्माण करवाया गया।
बच्चों को बांट दिए जाते हैं चढ़ाए गए प्लेन
अगर आप सोच रहे हैं कि इतने सारे प्लेन का क्या होता है तो हम आपको यह भी बताएंगे। दरअसल, ये खिलौना प्लेन गुरुद्वारे में आने वाले व अन्य बच्चों को बांट दिए जाते हैं।

अब नहीं चढ़ाएं पाएंगे एयरोप्लेन
पिछले कुछ समय से खबरें थे कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) विदेश जाने के लिए गुरुद्वारों में टॉय प्लेन चढ़ाने का प्रचलन बंद करेगी।
कहां है वीजा या हवाईजहाज गुरुद्वारा?
यह गुरुद्वारा जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से मात्र 10 किमी की दूरी पर गांव तल्हन में स्थित है। यहां टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट अमृतसर है।



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