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हॉलीवुड स्टाइल में होगी शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी, NASA ने की जबरदस्त तैयारी!
Astronaut Shubhanshu Shukla Return: भारत के हीरो शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में अपने 18 दिनों के मिशन को पूरा करने के बाद आज यानी 15 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 1 मिनट पर अमेरिका के कैलिफोर्निया के तट पर समुद्र में स्प्लेशडाउन कर धरती पर कदम रखने वाले हैं। इस बात को लेकर सभी एक्साइटेड हैं। उनकी वापसी किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह हो सकती है? NASA इसे सच कर दिखाने जा रहा है!
भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, जो अब तक अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया में वैज्ञानिक प्रयोगों का हिस्सा रहे हैं, अब हॉलीवुड स्टाइल रिटर्न की तैयारी में हैं।
ऐसे होंगे धरती पर वापसी के अंतिम 54 मिनट
हर किसी को इस बात का इंतजार है जब भारत का लाल अपने 3 अन्य साथियों के साथ Axiom-4 स्पेस मिशन से धरती पर वापसी करेंगे। इस पल के लिए पूरी दुनिया उत्साहित है। इससे पहले सुनीता विलियम्स ने देश का नाम रौशन किया था। बता दें कि अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेस स्टेशन के सुरक्षित क्षेत्र से निकलने के बाद अपने स्पेस सूट उतार दिए थे, लेकिन उन्हें धरती पर स्प्लेशडाउन के करीब 54 मिनट पहले दोबारा स्पेस सूट पहनना होगा जब डी-ऑर्बिट बर्न की प्रक्रिया शुरू होगी।

दरअसल डी-ऑर्बिट बर्न वो प्रक्रिया है जिसमें स्पेसक्राफ्ट के बूस्टर को ऐसे चलाया जाता है कि उसकी रफ्तार कम हो जाती है और फिर वो स्पेसक्राफ्ट अपनी कक्षा से जिसे ऑर्बिट कहते हैं से नीचे उतरकर पृथ्वी के वायुमंडल में एंट्री करता है।
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से कैसे अलग होगा कैप्सूल?
अंतरिक्ष यात्रा करना उतना आसान नहीं होता जितना सुनने में लगती है। आज जैसे ही अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट धरती के वायुमंडल पर आएगा सिचुएशन गंभीर हो जाएगी और 19 मिनट के बाद ड्रैगन में लगे ट्रंक मॉड्यूलर स्पेसक्राफ्ट से अलग हो जाएंगे। इसके बाद सिर्फ कैप्सूल वाला हिस्सा बचेगा जो वायुमंडल में एंट्री करेगा जिसके अंदर शुभाशुं शुक्ला समेत चारों एस्ट्रोनॉट होंगे।
आग के गोले के बीच से खुलेंगे 4 पैराशूट
इसके बाद शुरू होगा आगे का चरण जिसमें कैप्सूल 28163 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पृथ्वी के वायुमंडल पर आएगा और तेज रगड़ की वजह से ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट आग के गोले में बदल जाएगा। खास बात ये है कि अंदर बैठे अंतरिक्ष यात्रियों को इस तापमान का कोई असर ही नहीं होगा और वो अंदर पूरी तरह से सुरक्षित होंगे। फाइनली बारी आ गई पैराशूट की जो आग के गोले के बीच खुलेंगे।
पहली बार में दो पैराशूट खुलेंगे जो ड्रैगन की स्पीड को कम करेंगे और फिर 2 और पैराशूट खुल जाएंगे। अब वो समय आ जाएगा जब कैप्सूल की स्पीड 24 किलोमीटर प्रति घंटा की हो जाएगी और वो अमेरिका के कैलिफोर्निया के तट पर समुद्र में स्प्लेशडाउन करेगा।



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