Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
कौन था रक्तबीज? काजोल की फिल्म में दिखा पौराणिक कथा का खतरनाक असुर
Mythology Raktabeej Vs Maa Movie Villain: हाल ही में रिलीज हुई काजोल की फिल्म 'मां' में दर्शकों का ध्यान एक खलनायक 'रक्तबीज' नामक किरदार ने खींचा है। यह नाम सुनते ही भारतीय पौराणिक कथाओं की वह भयानक कहानी याद आती है, जिसमें देवी दुर्गा को अपने सबसे उग्र रूप में अवतरित होना पड़ा था। सिर्फ एक असुर को रोकने के लिए, जिसका नाम था रक्तबीज। फिल्म में यह नाम प्रतीक है उस बुराई का, जो हर बार खत्म करने पर फिर से जन्म लेती है।
लेकिन असली सवाल यह उठता है कि पौराणिक रक्तबीज आखिर था कौन? और कैसे वह आज भी हमारे समय में प्रासंगिक बन गया है? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

कौन था पौराणिक कथा का रक्तबीज?
बचपन से ही पौराणिक कथाएं सुनते आए हैं जिसमें रक्तबीज का भी कई बार जिक्र सुना है। दरअसल रक्तबीज हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े देवी महात्म्य या दुर्गा सप्तशती ग्रंथ में वर्णित एक राक्षस था। उसने ब्रह्मा से वरदान पाया था कि अगर युद्ध में उसका खून जमीन पर गिरता है, तो हर बूंद से एक नया रक्तबीज पैदा हो जाएगा, जो उसी के बराबर ताकतवर और विकराल होगा। जब देवताओं ने उससे हार मान ली, तब मां दुर्गा ने अवतार लिया और रक्तबीज से युद्ध किया।
कैसे किया मां दुर्गा ने रक्तबीज का संहार?
जब भी मां दुर्गा उस पर वार करतीं और वो घायल होता तो उसकी खून की बूंदों से दर्जनों रक्तबीज और पैदा हो जाते। ये सब देखकर मां दुर्गा को अपने उग्र शक्ति काली रूप का आह्वान करना पड़ा। देवी काली ने युद्ध के दौरान रक्तबीज के खून को जमीन पर गिरने ही नहीं दिया। मां दुर्गा उसे अपनी जिह्वा से पीती गईं, जिससे एक भी रक्तबीज और पैदा नहीं हो सका। अंत में इस दैत्य का अंत हुआ।

फिल्म 'मां' में रक्तबीज है बुराई का आधुनिक चेहरा
काजोल की फिल्म 'मां' रिलीज हो चुकी है जिसमें 'रक्तबीज' कोई पारंपरिक राक्षस नहीं, बल्कि प्रतीक है उस सामाजिक और व्यवस्थागत बुराई का, जिसे रोकना असंभव सा लगता है। यह बुराई हर बार नया रूप लेकर लौटती है। कभी सत्ता, अपराध, भ्रष्टाचार, या कभी चुप्पी या डर के रूप में। फिल्म में एक मां का संघर्ष दिखाया गया है जो इस 'रक्तबीज' से अकेले लोहा लेती है।



Click it and Unblock the Notifications











