Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
Varuthini Ekadashi 2025 Date: कब है अप्रैल की अंतिम एकादशी पूरे दिन रहेगा पंचक, जानें तारीख, मुहूर्त, पारण
varuthini ekadashi 2025 kab hai : वरुथिनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना गया है, जो वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह व्रत अप्रैल की अंतिम एकादशी को रखा जाएगा। इसे वरुथिनी एकादशी कहा जाता है, जिसका विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

वरुथिनी एकादशी 2025 की तारीख और तिथि
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 23 अप्रैल 2025 को शाम 4:43 बजे आरंभ होगी और इसका समापन 24 अप्रैल को दोपहर 2:32 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर एकादशी व्रत 24 अप्रैल, गुरुवार को रखा जाएगा।
शुभ योग और पंचक
इस बार वरुथिनी एकादशी गुरुवार को पड़ रही है, जो कि स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित दिन है। ऐसे में इस दिन व्रत रखने से विष्णु जी की कृपा दुगुनी प्राप्त होती है।
इस दिन ब्रह्म योग सुबह से दोपहर 3:56 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इंद्र योग आरंभ होगा। व्रत के दिन शतभिषा नक्षत्र सुबह 10:49 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात पूर्व भाद्रपद नक्षत्र लगेगा।
पूरे दिन पंचक भी रहेगा, जो 13 अप्रैल से शुरू हुआ है। चूंकि यह बुधवार को आरंभ हुआ था, इसलिए शुभ कार्यों पर कोई रोक नहीं मानी गई है।
वरुथिनी एकादशी 2025 पूजा और व्रत मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:19 AM से 05:03 AM - स्नान, दान आदि के लिए शुभ।
अभिजीत मुहूर्त: 11:53 AM से 12:46 PM - विष्णु पूजन के लिए उत्तम।
शुभ मुहूर्त: 05:47 AM से 07:25 AM - पूजा, जप-ध्यान का समय।
पारण समय
व्रतधारी 25 अप्रैल 2025, शुक्रवार को व्रत का पारण कर सकते हैं। पारण का समय प्रातः 05:46 AM से 08:23 AM तक रहेगा। उस दिन द्वादशी तिथि 11:44 AM पर समाप्त होगी।
वरुथिनी एकादशी के फायदे
10,000 वर्ष के तप के बराबर पुण्य - इस व्रत को करने से हजारों वर्षों की तपस्या के समान पुण्य फल मिलता है।
भय से मुक्ति - जीवन में चल रहे मानसिक या आत्मिक भय से छुटकारा मिलता है।
मोक्ष की प्राप्ति - हरि कृपा से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।
पाप विनाश और सौभाग्य में वृद्धि - इस दिन व्रत और पूजन करने से पाप मिटते हैं और सौभाग्य बढ़ता है।
नोट: इस दिन उपवास, दान, सत्संग, भागवत पाठ, और भगवान विष्णु का ध्यान करना अत्यंत शुभ माना गया है।



Click it and Unblock the Notifications











