Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
Hindi Diwas 2022 : जानिए कैसे हुई हिंदी दिवस की शुरुआत और क्या है इसका महत्व
Hindi Diwas 2022: जानिए कैसे बनी हिंदी भारत की राष्ट्र भाषा और कब हुई हिंदी दिवस की शुरुआत वैसे तो भारत में अलग जाति और धर्म के लोग रहते हैं जो अलग अलग भाषा बोलते हैं, लेकिन एक भाषा ऐसी है जो हर किसी को एक दूसरे से जोड़े रखती है और वो भाषा है हिंदी। यहां कोई गुजराती बोलता है तो कोई मराठी, किसी की भाषा पंजाबी है तो कोई बंगला बोलता है, लेकिन हिंदी सबकी भाषा है। यही वजह है कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। हर साल 14 सितंबर को पूरा भारत देश हिंदी दिवस मनाता है। इसी तारीख को संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा का घोषित किया गया था। हिंदी को भारत की पहचान कहा जाता है।
अंग्रेज़ों ने कई सालों तक हमारे देश पर राज किया था जिसकी वजह से यहां रहने वाले लोगों पर अंग्रेजी भाषा का प्रभाव बढ़ने लगा था। ऐसे में लोगों को हिंदी का महत्व समझाने के लिए काफी कड़ी मेहनत करने के बाद हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलवाया गया था। 14 सितंबर, बुधवार को भारत के लोग गर्व से हिंदी दिवस मनाएंगे।
आइए आपको हिंदी दिवस के महत्व और इसके इतिहास के बारे में बताते हैं।

हिंदी दिवस की शुरुआत
1946 में 14 सितंबर को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। इसके बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 14 सितंबर के दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। आधिकारिक तौर पर पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था।
कहा जाता है कि हिंदी भाषा को सम्मानजनक दर्जा दिलाने में मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, गोविंद दस और काका कालेलकर ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था।14 सितंबर को ही हिंदी दिवस इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि इसी तारीख को हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेंद्र सिंह का जन्मदिन भी होता है।

विश्व हिंदी दिवस
भारत में हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मानते हैं। यह भाषा दूसरे देशों को भी भारत से जोड़े रखती है।

महात्मा गांधी का भी है बड़ा योगदान
महात्मा गांधी हिंदी को जनमानस की भाषा कहते थे। 1918 में एक हिंदी साहित्य सम्मेलन में गांधी जी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग की थी। इसके बाद
1949 में काफी विचार-विमर्श के बाद संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा घोषित कर दिया गया था।
हिंदी दिवस का महत्व
हिंदी की तुलना में लोग अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देने लगे थे, ऐसे में हिंदी का प्रचार प्रसार बढ़ाने और लोगों को इस भाषा के महत्व को समझाने के लिए हिंदी दिवस की शुरुआत की गई थी। हिंदी दिवस की शुरुआत के बाद लोगों के बीच इस भाषा के लिए प्रेम और सम्मान और बढ़ गया है।



Click it and Unblock the Notifications











