Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
May Festival Calendar 2022: मई महीने में आने वाले हैं ये मुख्य व्रत और त्यौहार, नोट कर लें सही तिथि
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, साल का पांचवां महीना शुरू हो चुका है। तीज-त्योहारों के लिहाज से मई माह कई मायनों में ख़ास है। मई की शुरुआत ईद और अक्षय तृतीया जैसे बड़े पर्व से हुई। वहीं आगे गंगा सप्तमी, सीता नवमी, बुद्ध पूर्णिमा जैसे उत्सव आने वाले हैं। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि मई 2022 में किस तारीख को कौन सा व्रत और त्योहार मनाया जाएगा।

3 मई 2022: परशुराम जयंती, रोहिणी व्रत, अक्षय तृतीया, ईद
हिंदू धर्म के मुताबिक वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इसी तिथि पर परशुराम जयंती भी मनायी जाती है। साल 2022 में ईद-उल-फितर का पर्व 3 मई को मनाया गया।

4 मई 2022: वरद चतुर्थी
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इसे वरद चतुर्थी भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

8 मई 2022: गंगा सप्तमी
वैशाख महीने की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाई जाती है। पंचांग के मुताबिक इस साल यह त्योहार 8 मई को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां गंगा का अवतरण हुआ था।

10 मई 2022: सीता नवमी
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन को जानकी जयंती भी कहा जाता है। ऐसी आस्था है कि इसी दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इस दिन महिलाएं घर की सुख-समृद्धि और शांति के लिए व्रत करती हैं।

12 मई 2022: मोहिनी एकादशी
हिंदू धर्म में साल की सभी एकादशी तिथियों को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। यह तिथि भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे उत्तम है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत 12 मई को रखा जाएगा।

13 मई और 27 मई 2022: प्रदोष व्रत
हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह दिन महादेव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन शिव-पार्वती की आराधना की जाती है और व्रत किया जाता है। मई के महीने में 13 और 27 तारीख को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

14 मई 2022: नृसिंह जयंती
वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नृसिंह जयंती मनाई जाती है। भगवान विष्णु ने ही नृसिंह अवतार लिया था। इस दिन श्रीहरि के नृसिंह रूप की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है।

16 मई 2022: वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि की खास महत्ता है। इनमें वैशाख महीने की पूर्णिमा को विशेष बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु का बुद्ध अवतार का प्राकट्य हुआ था। इस तिथि को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है।

26 मई 2022: अपरा एकादशी
एक साल में 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं। वर्ष की सभी एकादशी तिथि को बहुत ख़ास माना गया है। इस साल 26 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है।

28 मई 2022: मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि हर माह आती है। इस तरह साल में 12 मासिक शिवरात्रि मनायी जाती है। हर मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन पूरे विधि विधान से भोलेनाथ की पूजा की जाती है।

30 मई 2022: ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती, वट सावित्री व्रत
ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनायी जाती है। माना जाता है कि इसी दिन शनि देव ने सूर्य के पुत्र के रूप में जन्म लिया था। 30 मई को ही वट सावित्री का व्रत किया जाएगा। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत करती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











