Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
Navratri Day 9: आज मनाई जा रही है महानवमी, देखें मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, भोग, मंत्र-आरती
Navratri Day 9: मां दुर्गा का पर्व अब अपने अंतिम चरणों में है। अगले बरस फिर आने की कामना करने के साथ ही नम आंखों से मां को विदाई दी जाती है। शारदीय नवरात्रों की शुरुआत 15 अक्टूबर से हुई थी। अब इसका आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण दिन यानि महानवमी 23 अक्टूबर को है।
नवमी को नवरात्रि का आखिरी दिन मनाया जाता है और इस दिन कन्या पूजन के साथ ही इस भव्य पर्व का अंत भी होता है। महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

मां का यह रूप बेहद ओजपूर्ण है। उपासना से खुश होकर मां सुख समृद्धि और सौभाग्य की मनोकामनाओं को सिद्ध करती हैं। जानते हैं नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, पूजा मंत्र, आरती और भोग के बारे में विस्तार से -
मां सिद्धिदात्री पूजन विधि
नवमी के दिन सुबह जल्दी स्नानादि से निवृत होकर पूजा घर की सफाई करें। इसके बाद कलश के साथ ही मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या तस्वीर को चौकी पर स्थापित करें। इसके बाद मां को कुमकुम व अक्षत लगाएं। उनके समक्ष दीपक व धूप जलाएं। इसके बाद पूजा मन्त्रों का जाप करें। फिर दुर्गा सप्तशती और सिद्धिदात्री आरती का पाठ करें। इस दिन आप मां के नाम का हवन भी करवाएं। और साथ ही कन्या पूजन मुहूर्त के अनुसार संपन्न करें।
मां सिद्धिदात्री का भोग

नवमी के दिन खास तौर पर मां को तिल चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन कन्याओं के लिए हलवा पूरी और काले चने भी बनाए जाते हैं। इस भोग को भी पहले माता को लगाएं।
मां सिद्धिदात्री पूजा मंत्र
"सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि,
सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।"
"या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।"
'ॐ सिद्धिदात्र्यै नम:।'
मां सिद्धिदात्री जी की आरती
जय सिद्धिदात्री मां तू सिद्धि की दाता ।
तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता ।।
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि ।
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि ।।
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम ।
जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम ।।
तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है ।
तू जगदंबे दाती तू सर्व सिद्धि है ।।
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो ।
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो ।।
तू सब काज उसके करती है पूरे ।
कभी काम उसके रहे ना अधूरे ।।
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया ।
रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया ।।
सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली ।
जो है तेरे दर का ही अंबे सवाली ।।
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा ।
महा नंदा मंदिर में है वास तेरा ।।
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता ।
भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता ।।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











