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Buddha Purnima 2023: गौतम बुद्ध की अमृतवाणी से होंगे आपके जीवन के सारे कष्ट दूर
बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध की सीख और उपदेश किसी भी व्यक्ति के जीवन को सुखी और सफल बना सकते हैं। उन्होंने हमेशा हर किसी को सच्चाई और धर्म के रास्ते पर चलने की शिक्षा दी है।
गौतम बुद्ध ने लोगों को जीवन की सच्चाई से अवगत कराया है। जिस तरह से मौसम बदलता है, मनुष्य के जीवन में भी सुख और दुख का आना जाना लगा रहता है।

संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसके जीवन में किसी भी प्रकार का दुख न हो। ऐसे में यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि हम अपनी परेशानियों से किस तरह से लड़ता है। गौतम बुद्ध के अनुसार जीवन में सुख और दुख का समय स्थिर नहीं रहता है।
यदि आप बहुत दुखी हैं तो एक न एक दिन आपको सारे दुखों और पीड़ा से मुक्ति जरूर मिलेगी। गौतम बुद्ध कहते हैं कि दुख तब बड़ा हो जाता है जब हम उसे स्वयं बड़ा होने देते हैं। यानी किसी भी तकलीफ को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। परिस्थिति चाहे जैसी भी हो हमें धैर्यवान रहना चाहिए। आइए आपको दुख से छुटकारा पाने के लिए गौतम बुद्ध की सीख के बारे में बताते हैं।
पहले दुख को समझें
बुद्ध के अनुसार संसार में हर कोई किसी न किसी बात को लेकर दुखी है। इस पीड़ा से बचने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि हम अपने दुख को समझें। यदि हम अपनी तकलीफों को खुद पर हावी होने देंगे तो धीरे-धीरे हमारा दुख और भी बढ़ता जाएगा। इससे हमारा जीवन और भी कठिन हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने दुख से बाहर निकलने की कोशिश करें। जब तक हम खुद को खुश नहीं रखना सीखेंगे, दुख हमारा पीछा नहीं छोड़ेगा।
दुख का कारण तृष्णा
भगवान बुद्ध कहते हैं कि दुख का सबसे बड़ा कारण तीव्र इच्छा और असंतुष्टि है। जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज की इच्छा मनुष्य के दुखों का कारण बनती है। गौतम बुद्ध के अनुसार दुख से दूर रहने के लिए हमें अपनी इच्छाओं पर काबू रखना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज से ज्यादा उम्मीद भी दुख का कारण बनती है।
ऐसे होंगे दुख दूर
महात्मा बुद्ध ने कहा है कि यदि आपके जीवन में दुख है तो सुख भी जरूर आएगा। व्यक्ति को यह समझना होगा कि जीवन में दुख हमेशा नहीं रहता है। आज बुरा है तो कल अच्छा होगा। ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान नहीं है। भगवान बुद्ध के बताए गए सद् मार्ग यानी अष्टांगिक मार्ग को जानकर दुख से छुटकारा पाया जा सकता है।



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