Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
क्या बारिश के मौसम में भी करते है हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन, तो जान लें इसके साइड-इफेक्ट
बचपन से हम ये सुनते आए है कि रोटी भले ही कम खा लो, लेकिन सब्जी भरपूर खाओ। क्यूंकि ये सब्जियां ताकत और पोषण का भंडार होती हैं। जो ना सिर्फ हमको फिजिकल बल्कि मेंटल स्ट्रेंथ भी देती है। बात करें हरी सब्जियों की, तो इनमें विटामिन सी, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी, आयरन, कॉपर, जिंक भरपूर होता है। लेकिन एक्सपर्ट बरसात के मौसम में खासकर इन्हीं सब्जियों का सेवन ना करने की सलाह देते है। ऐसा क्यूं है आइए इस बारे में विस्तार से जानते है।

बरसात में हरी सब्जियां खाने के नुकसान
वैसे तो पालक और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन सी, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी, आयरन, कॉपर, जिंक से भरपूर होती हैं। लेकिन बरसात के मौसम में इनका सेवन करने से कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते है। दरअसल हरी पत्तेदार सब्जियां आमतौर पर दलदली क्षेत्रों में उगती हैं, जो विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस, कीड़े और अन्य रोग पैदा करने वाले कीटाणु के बढ़ने के लिए अनुकूल स्थिति बनाती हैं। बाकी मौसमों में सूरज की रोशनी मिट्टी को कीटाणुरहित करने में मदद करती है लेकिन मानसून के दौरान, सूरज की रोशनी की कमी के कारण इन पर छोटे-छोटे कीड़े लग जाते है। और ये छोटे कीड़े हमें नग्न आंखों से दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए आप इन्हें खाने या पकाने से पहले पत्तियों से अलग नहीं कर सकते। ये कीड़े खाने के बाद दिमाग तक पहुंच जाते हैं और इसके आगे जाकर भयंकर दुष्परिणाम सामने आते हैं।
हालांकि, बहुत से लोग इस बात का दावा करते है कि वो हरी सब्जियों कई बार धोने के बाद ही काम लेते है, ऐसे में मौसम चाहे कुछ भी है उन पर कीड़े रहने का सवाल ही नहीं। लेकिन सच्चाई तो ये है कि खासकर बरसात के मौसम में तीन बार धोने के बाद भी पालक में 90 प्रतिशत बैक्टीरिया रह जाते है। और जो लोग बतौर सलाद इसे कच्चा खाने की गलती करते है उनकी किडनी खराब हो सकती है।
बरसात में फूल गोभी के सेवन से भी बचें
एक समय था, जब बाजार में सीज़न के हिसाब से ही चीजें मिलती थी। लेकिन साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि सभी प्रकार की सब्जियां हर समय मार्केट में अवलेबल रहती है। जैसे कि फूलगोभी, पत्तागोभी या ब्रोकली, ये सब्जियां है तो सर्दी की लेकिन अब तो ये 12 महीने मिलने लगी है। लेकिन क्या आप जानते है कि इन सब्जियों में पत्तियों की गांठ होती है, उनमें जानलेवा कीड़े छिपे होते हैं। ये मिट्टी के नजदीक उगते हैं इसलिए बारिश के दिनों में इनमें बैक्टीरिया आने का रिस्क अधिक होता है। ऐसे में अगर आप इन्हें खाते है तो नुकसान ही होगा।
बरसात के मौसम में कौन-सी सब्जियां खाए
लौकी और घीया
बरसात के मौसम में प्यास अमूमन कम लगती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। लेकिन लौकी में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इससे आप हाइड्रेटेड रहते हैं। इस वजह से इसका सेवन पेट को ठंडा रखता है,और जिससे आप कई तरह की बीमारियों से दूर रहते हैं।
परवल
चूंकि बारिश के मौसम में गैस, बदहजमी और कब्ज की समस्या बहुत ही आम हो जाती है। इसके लिए परवल एक बेहतर ऑप्शन है। ये पेट को ठंडा रखता है और पीएच बैलेंस को नियमित रखने में भी मदद करता है।
टींडा
टिंडे का सेवन यूरिन इंफेक्शन को दूर करने में मदद कर सकता है, क्यूंकि इसमें पानी की मात्रा खूब होती है। इसके अलावा ये कब्ज, ब्लोटिंग जलन, गैस की समस्या में भी आराम पहुंचा सकता है।
मशरूम
मशरूम एंटी-ऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं। बल्कि इसमें मौजूद तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है। इसके अलावा इसमें विटामिन डी की प्रचुरता रहती है। बारिश के मौसम में इसका सेवन बहुत लाभदायी रहता है। क्यूंकि इससे हमारी आवश्यकता का 20 प्रतिशत विटामिन डी हमें मिल जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











