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Myths vs Facts: मोतियाबिंद से जुड़े 5 मिथक और उनकी सच्चाई जाने यहां
Myths vs Facts On Cataract: मोतियाबिंद में आंखों के लेंस पर सफेद परत पड़ जाती है। इसे अंग्रेजी में कैटरैक्ट (Cataract) भी कहते हैं।
मोतियाबिंद से ग्रसित लोगों की आंखों से धुंधला दिखाई देता है। जिसकी वजह से उन्हें रात में देखने में मुश्किल होती है और साथ ही तेज रोशनी में भी दिक्कत होती है। हमारे आसपास लोगों में मोतियाबिंद को लेकर कई सारे मिथक प्रचलित है। इनमें से कुछ की आज हम सच्चाई जानेंगे।

मिथक 1: मोतियाबिंद केवल बुजुर्गों को ही होता है?
सच्चाई: मोतियाबिंद बुजुर्गों में अधिक सामान्य होती है, मगर इसका ये मतलब नहीं है कि ये सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही होती है। आंतरिक कारण, आंखों में चोट, डायबिटीज और लंबे समय तक स्टेरॉयड उपयोग जैसे कुछ कारक बैक्टीरिया के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। किसी भी उम्र में कैटरैक्ट का पता लगाने और मैनेज करने के लिए आंखों की नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण है।
मिथक 2: मोतियाबिंद को होने से रोका जा सकता है?
फैक्ट: मोतियाबिंद को पूरी तरह से रोकने के लिए कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीका नहीं है। हालांकि, आप इसके खतरे को रोकने के लिए कदम उठा सकते हैं। इनमें यूवी किरणों से आंखों की सुरक्षा करना, पोषक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर स्वस्थ आहार का सेवन करना, धूम्रपान छोड़ना और डायबिटीज जैसी मेडिकल स्थितियों को सही ढंग से मैनेज करना शामिल है।
मिथक 3: मोतियाबिंद का दवाईयों से ईलाज संभव है?
फैक्ट: मोतियाबिंद के इलाज के लिए कोई दवाई नहीं है, केवल एक प्रभावी उपचार सर्जरी है। मोतियाबिंद की सर्जरी में डॉक्टर अपारदर्शी लेंस को हटाकर मरीज की आंख में प्राकृतिक लेंस के स्थान पर नया कृत्रिम लेंस लगा देते हैं। कृत्रिम लेंसों को इंट्राऑकुलर लेंस कहते हैं, उसे उसी स्थान पर लगा दिया जाता है, जहां आपका प्राकृतिक लेंस लगा होता है। ये पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। हर साल विश्वभर में लाखों सर्जरी की जाती है।
मिथक 4 : मोतियाबिंद की सर्जरी रिस्की होती है?
फैक्ट: मोतियाबिंद की सर्जरी विश्वभर में सबसे अधिक होने वाली सर्जरियों में से एक है और ये पूरी तरह सफल होती है। इसे करने में ज्यादा समय नहीं लगता, सर्जरी करते ही मरीज को घर भी भेजा जा सकता है। मॉडर्न सर्जिकल तकनीकों में न्यूनतम कट और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग होता है, जिससे रिकवरी समय और परिणाम में सुधार होता है।
मिथक 5 : - ज्यादा करीबी से काम करने से मोतियाबिंद हो सकती है
फैक्ट: मोतियाबिंद की समस्या में व्यक्ति को नजदीक से काम करने जैसे कि किताब पढ़ने या सिलाई करने में समस्या आ सकती है। लेकिन ज्यादा करीबी से काम करने से या ध्यान लगाने के कारण मोतियाबिंद की समस्या नहीं होती है। मोतियाबिंद से जुड़ा यह मिथक बिल्कुल गलत है।
मिथक 6: मोतियाबिंद के लक्षण जल्दी ही सामने आ जाते है?
फैक्ट: अधिकतर कैटरेक्ट यानी सफेद मोतियाबिंद धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में इसमें दृष्टि प्रभावित नहीं होती है, लेकिन समय के साथ यह आपकी देखने की क्षमता को प्रभावित करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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