Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
Jaipur Earthquake: जयपुर में 1 घंटे में 3 बार हिली धरती, NDMA ने बताए भूकंप आने पर क्या करें और क्या नहीं
Jaipur Earthquake: राजस्थान के जयपुर में शुक्रवार को 4.4 तीव्रता का भूकंप आया. शहर के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस होते ही घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं, मणिपुर के उखरुल में भी सुबह 05:01 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 3.5 आंकी गई।
आइए जानते हैं अगर आप सो रहे हैं और अचानक आपकी आंख भी भूकंप के झटके लगने से खुलती है, तो जानिए सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए।

बढ़ जाती है रेडॉन गैस की मात्रा
जयपुर मौसम केंद्र के प्रभारी आरएस शर्मा के मुताबिक भूकंप की लहरें किसी क्षेत्र से टकराने से पहले उस क्षेत्र के वातावरण में रेडॉन गैस की मात्रा बढ़ जाती है, रेडॉन गैस का बढ़ना दर्शाता है कि यह क्षेत्र भूकंप की चपेट में आने वाला है। इस बिंदू पर भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती हैं उसे भूकंप का फोकस कहते हैं। यह पृथ्वी की सतह से नीचे होता है। पृथ्वी की सतह पर जहां पहली बार भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं, एपिसेंटर कहलाता है।
भूकंप आने पर क्या करें तथा क्या ना करें
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( National Disaster Management Authority) भूकंप आने पर एक गाइडलाइन जारी कि है, जिसमें सलाह दी गई है कि भूकंप आने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
-आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाए, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें अथवा तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
- छत तथा नींव के पलास्तर में पड़ी दरारों की मरम्मत कराएं। यदि कोई संरचनात्मक कमी का संकेत हो तो विषेशज्ञ की सलाह लें।
- सीलिंग में ऊपरी (ओवरहेड) लाइटिंग फिक्सचर्स (झूमर आदि) को सही तरह से टांगें।
- भवन निर्माण मानकों हेतु पक्के इलाके में ऑथेटिंक बीआईएस मार्क वाले सामान का इस्तेमाल करें।
- दीवारों पर लगे शेल्फ को सावधानी से टाइट बंद करके रखें।
- नीचे के षेल्फों में बड़ी अथवा भारी वस्तुओं को रखें।
-सांकल/चिटकनी वाली लकड़ी की निचली बंद कैबिनेटों में भंगुर (ब्रेकेबल) मदें जैसे बोतलबंद खाद्य सामग्री, गिलास तथा चीनी मिट्टी के बर्तन को रखें।
- भारी चीजों जैसे तस्वीर तथा शीशे आदि को, बिस्तर, सोफा, बेंच या कोच तथा जहां भी लोग बैठते हैं, वहां से दूर रखें।
- फैन फिक्चर्स तथा ओवरहेड लाइट को नट-बोल्ट की मदद से अच्छी तरह फिट कराएं।
खराब या दोशपूर्ण बिजली की तारों तथा लीक करने वाले गैस कनेक्षनों की मरम्मत कराएं जिनसे आग लगने के जोखिम की संभावना होती है।
- पानी गर्म करने का हीटर, एलपीजी सिलेंडर आदि को दीवार के साथ अच्छी तरह कसवाएं बंधवाएं अथवा फर्ष पर बोल्ट कसवा के उन्हें सुरक्षित बनाएं।
- कीटनाशको तथा ज्वलनशील पदार्थों को सांकल वाले कैबिनेटों में तथा नीचे के शेल्फ में सावधानी से रखें।
- घर के अंदर तथा बाहर सुरक्षित स्थानों को तलाश कर रखें।
- मजबूत खाने की मेज, पलंंग के नीचे पनाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











