Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
Benefits of Ice Apple: इस फ्रूट को खाने से शरीर को मिलती है बर्फ सी ठंडक, खाते वक्त इस बात की रखें सावधानी
आइस एप्पल को ताड़गोला के नाम से भी जानते हैं। नाम से ही जाहिर है कि ये फल शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा ये फल वेटलॉस करने में काफी मदद करता है। इसे तमिल में नुंगु, हिंदी में तारी, बंगाली में ताल, मराठी में ताड़गोला, कन्नड़ में तातेनिंगु, गुजराती में तदफली और मलयालम में पाना नंगुइन कहा जाता है। आइस एप्पल में कैलोरी की नाममात्र की होती है। इसलिए वेटलॉस के लिए ये एक आदर्श फल है।
इसके अलावा इस फल में पानी की भी अधिकता होती है, जो वेट लॉस के साथ गर्मियों में आपके शरीर को हाइड्रेड और ठंडा बनाए रखता है। कम कैलोरी के बावजूद, आइस एप्पल में कैल्शियम, फाइटोन्यूट्रिएंट्स और विटामिन से भरपूर होता है, जो इसे पौष्टिक बनाता है। इस फल का उपयोग रिफ्रेशमेंट से लेकर कई तरह के डिशेज बनाने में किया जाता है। इस फल के फ्लेश (flesh) का उपयोग बंगाल में बोरा या फ्रिटर्स और तमिलनाडु में पायसम बनाने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं इस फल के अन्य लाभ।

वेटलॉस में करें मदद
इस फल में मौजूद पानी काफी समय तक आपका भरा हुआ रखता है और इसमें कैलोरीज़ भी काफी कम होती हैं इस वजह से वेटलॉस के लिए इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त करता है और मेटाबॉलिज्म को प्रॉपर रखता है। इसलिए इसे वेटलॉस में शामिल किया जाता है।
डायबिटीज करें कंट्रोल
इस फल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जो डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज इस फल को खा सकते हैं। ये प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा देने में मदद करता हैं।
स्किन के लिए बेहतर
इसमें कोई आश्चर्य नहीं हैं कि इस फल को खाने से चकते और घमौरी जैसी समस्या से बचा जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्किन की सूजन और जलन को कम कर सकते हैं।

पाचन संबंधी से छुटकारा दिलाए
आइस एप्पल पाचन संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। ये पेट के मुद्दों जैसे अल्सर, एसिडिटी और हार्टबर्न आदि के इलाज में सहायता करते हैं।
प्रेगनेंसी में रखता है एनर्जेटिक
आइस एप्पल के सेवन से गर्भावस्था से संबंधित समस्याएं जैसे पाचन संबंधी समस्याएं, पेट की परेशानी और मॉर्निंग सिकनेस को कम किया जा सकता है। इसके अलावा ये फल माताओं में स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
चिकन पॉक्स
चिकन पॉक्स के कारण होने वाली त्वचा की जलन को कम करने में असरदार है। ये चेचक के ठीक होने की प्रक्रिया को भी तेज करते हैं।
साइड इफेक्ट
ज्यादा पके हुए आइस एप्पल खाने से पेट में दर्द जैसे साइड इाफेक्ट हो सकते हैं। उनके कम शेल्फ-लाइफ और जल्दी खराब होने वाली प्रकृति के कारण, आइस एप्पल का सेवन एक दिन के भीतर कर लेना चाहिए।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











