Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
44 में कोलन कैंसर से हुई असम की फेमस सिंगर गायत्री हजारिका की मौत, इन लक्षणों को हल्के में न लें
Singer Gayatri Hazarika Dies at 44 Due to Colon Cancer : हाल ही में फेमस असमिया सिंगर गायत्री हजारिका के निधन की खबर ने म्यूजिक इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों को गहरे शोक में डाल दिया है। केवल 44 साल की उम्र में 16 मई को उनका निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे कोलन कैंसर से जूझ रही थीं। यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि यह एक गंभीर बीमारी को लेकर फिर से चेतावनी देती है, कोलन कैंसर, जो शुरुआती लक्षणों के बिना भी जानलेवा साबित हो सकता है।

कोलन कैंसर क्या है?
कोलन कैंसर, जिसे कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, बड़ी आंत के पहले हिस्से यानी कोलन या मलाशय (रेक्टम) में उत्पन्न होने वाला एक घातक कैंसर है। पहले यह बीमारी अधिकतर बुजुर्गों में पाई जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।
यह कैंसर अक्सर पॉलीप्स (छोटे मांसल उभार) के रूप में शुरू होता है, जो धीरे-धीरे कैंसर में बदल सकते हैं। हालांकि, समय रहते जांच और इलाज से इसे रोका जा सकता है।
कोलन कैंसर के लक्षण
शुरुआती चरण में कोलन कैंसर के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, कुछ संकेत मिलने लगते हैं:
- मल त्याग की आदतों में बदलाव (कब्ज या दस्त)
- मल में खून या रेक्टम से ब्लीडिंग
- पेट में लगातार गैस, दर्द या ऐंठन
- ऐसा महसूस होना कि आंत पूरी तरह साफ नहीं हुई
- अचानक वजन घटना
- लगातार थकान या कमजोरी
- भूख में कमी या पेट में सूजन
- यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।
कोलन कैंसर से बचाव कैसे करें?
- फाइबर युक्त आहार लें: फल, सब्जियां, साबुत अनाज व दालें
- नियमित व्यायाम करें: दिन में कम से कम 30 मिनट
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
- वजन नियंत्रित रखें, मोटापा खतरा बढ़ा सकता है
नियमित मेडिकल जांच कराएं, विशेषकर 45 की उम्र के बाद या फैमिली हिस्ट्री हो तो पहले
कोलन कैंसर का इलाज
इलाज मरीज की स्थिति और कैंसर के चरण पर निर्भर करता है:
सर्जरी: कैंसर-प्रभावित हिस्से को हटाना
कीमोथैरेपी: कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने वाली दवाएं
रेडिएशन थैरेपी: विकिरण से ट्यूमर को नष्ट करना
इम्यूनोथैरेपी या टारगेटेड थैरेपी: शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर से लड़ना
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सीय स्थिति के संबंध में आपके मन में कोई प्रश्न हो तो हमेशा अपने चिकित्सक या किसी योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह अवश्य लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











