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भारत की महिला सैनिक दुनिया को दिखाएंगी अपना दम,अबेई में UN मिशन के लिए हुई तैनाती

जब जब संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा के लिए सैनिकों को भेजने की बात आती है तो भारत उसमें सबसे आगे रहता है। अब भारत की महिला शक्ति इस मिशन के लिए आगे लाई गई हैं। भारत द्वारा अबेई में महिला शांतिरक्षकों की एक प्लाटून तैनात की जा रही है। भारत अबेई में साल 2007 से ही संयुक्त राष्ट्र मिशन में देश की सबसे बड़ी महिला इकाई ब्ल्यूहैलमेट्स को तैनात करता रहा है। ये संयुक्त राष्ट्र मिशन में महिला शांति सैनिकों की भारत की सबसे बड़ी सिंगल यूनिट होगी। इसने साल 2007 में लाइबेरिया में पहली बार महिलाओं की एक टुकड़ी तैनात की गई थी।
भारतीय दल, जिसमें दो अधिकारी और 25 अन्य रैंक शामिल हैं, एक एंगेजमेंट प्लाटून का हिस्सा होंगे, और इसके साथ ही कम्युनिटी आउटरीच में स्पेशलिस्ट होंगे। इसके साथ ही वे सुरक्षा संबंधी सारे काम भी देंखेगे। अबेई में उनकी मौजूदगी का विशेष रूप से स्वागत किया जाएगा, जहां वे हाल ही में हुई हिंसा के बढ़ते संघर्ष क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए उपजी मानवीय चिंताओं को हल करने का काम करेंगी।
रुचिरा कंबोज ने किया खास ट्वीट
यूनाइटेड नेशन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने इस संबंध में एक ट्वीट भी किया। ट्वीट में बटालियन की एक तस्वीर भी उन्होंने शेयर की, इसके साथ ही उन्होंने लिखा- भारत में अबेई संयुक्त राष्ट्र मिशन की हमारी कंपनी बटालियन के हिस्से के रूप में महिलाओं की शांतिरक्षक प्लाटून को आमंत्रित कर रही है। पिछले सालों में महिला शांतिरक्षकों में ये सबसे बड़ा है। टीम को शुभकामनाएं।
भारत के लिए गर्व करने का मौका
भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशन में सेना भेजने वाला दूसरा बड़ा देश है। साल 2022 में 31 अक्टूबर तक भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशन में बांग्लादेश के बाद दूसरी सबसे बड़ी सेना भेजी है। भारक अब तक कुल 12 मिशन कर चुका है, जिसमें 5,5887 सैनिकों ने अपनी सेवाएं दी है।
साल 1948 से दुनियाभर में स्थापित 71 संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में से 49 में 200,000 से अधिक भारतीयों ने सेवा की है। भारत ने सबसे पहले साल 2007 में लाइबेरिया में महिला शांतिरक्षकों का प्लाटून को वहां रोकने के बाद संयुक्त राष्ट्र मिशन में ये भारत की सबसे बड़ी एकल महिला प्लाटून को फिर से स्थापित किया है।
आजादी के बाद से ही संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों (United Nations peacekeeping missions) पर भारतीय महिलाओं को भेजने की परंपरा रही है, जिसे भारत निभाता आया है। सन 1960 में, कांगो रिपब्लिक में तैनात होने से पहले संयुक्त राष्ट्र रेडियो द्वारा भारतीय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में महिलाओं का इंटरव्यू लिया गया था, जो वहां पर अपनी सेवाएं प्रदान करने जा रही थीं।
(Reference- www.pminewyork.gov.in)



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