Latest Updates
-
लाल, काली या नारंगी, सेहत के लिए कौन सी गाजर है सबसे ज्यादा पावरफुल? -
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान
Zakir Hussain Death : फेफड़ों की इस दुर्लभ बीमारी से गई उस्ताद जाकिर हुसैन की जान, जानें क्या है IPF?
Zakir Hussain Death Reason : मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में अंतिम सांस ली। जाकिर हुसैन हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे, जिसके चलते उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं हुईं। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हार्ट की जटिलताओं के कारण उनका निधन हो गया।
जाकिर हुसैन के परिवार ने बताया कि उन्हें 'इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस,' (IPF) एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी थी, जिसकी वजह से स्थिति ज्यादा गंभीर होने से उनका निधन हो गया। आइए जानते हैं आखिर ये कितनी खतरनाक बीमारी है?

इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस क्या है?
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें फेफड़ों के ऊतकों में निशान (फाइब्रोसिस) बनने लगते हैं। यह प्रक्रिया फेफड़ों की लचीलापन क्षमता को कम कर देती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सामान्यतः सांस के दौरान ऑक्सीजन फेफड़ों की छोटी-छोटी हवा की थैलियों (एल्वियोली) के जरिए खून में पहुंचती है और फिर शरीर के अन्य अंगों तक जाती है। लेकिन IPF के कारण यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या गंभीर हो सकती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी से शरीर के अन्य अंगों का कार्य प्रभावित होने लगता है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) के लक्षण
- सांस लेने में तकलीफ
- लगातार खांसी
- सीने में दर्द या जकड़न
- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
- गले में खराश
- थकान और कमजोरी
- वजन घटना
- भूख में कमी
- पैरों में सूजन
इलाज
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। दवाइयों के जरिए रोग की प्रगति धीमी की जाती है। ऑक्सीजन थेरेपी, शारीरिक व्यायाम, और पुनर्वास से लक्षणों में सुधार हो सकता है। स्थिति गंभीर होने पर लंग ट्रांसप्लांट एकमात्र विकल्प बन सकता है। यदि किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, तो समस्या जटिल हो सकती है। इसलिए, नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











