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एकाग्रता बढ़ाने के लिए भद्रासन

वज्रासन में बैठ जाएँ और दोनों हाथ घुटनों पर रखें. वज्रासन में जब बैठते हैं तब घुटने मिले रहते हैं, एड़ियों में अंतर रहता है और दोनों एड़ियों के बीच में बैठते हैं. इसके अलावा पैरों के अंगूठे मिले रहते हैं.
भद्रासन करने के लिए दोनों घुटनों में उतना अंतर रखिए जितना संभव हो सके. पैरों के तलवों में भी थोड़ा दूरी बनाए रखिए ताकि आपके नितंब का स्पर्श ज़मीन से हो जाए. दोनों हाथ घुटनों पर ही रखें, रीढ़ को भी सीधा रखिए.
ध्यान करने के लिए बिना पलक झपकाए अपनी नासिका के अग्रभाग को देखें. इसे नासिकाग्र दृष्टि भी कहते हैं
इस प्रकार सुविधापूर्वक भद्रासन में बैठ सकते हैं. ध्यान करने के लिए अपनी नासिका के अग्रभाग को देखें. बिना पलक झपकाए नासिका के अग्रभाग पर देखना है. इसे नासिकाग्र दृष्टि भी कहते हैं. जैसे ही आँखों में पानी आए या आँखें थक जाएं तब धीरे से आँखें बंद कर लीजिए.
थोड़ी देर बाद फिर से आँखें खोलें और फिर से नासिकाग्र दृष्टि का अभ्यास करें. एकाग्र करते समय साँस के प्रति सजग रहना चाहिए.
विशेष
अगर पैरों की माँसपेशियों में अत्यधिक खिंचाव आए तो भद्रासन का अभ्यास बंद कर दें और पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं ताकि रक्त का संचार सामान्य हो जाए. भद्रासन करने से पहले कुछ दिन वज्रासन का अभ्यास करना चाहिए. आसन करने से पहले दोहरा कंबल बिछा लें.
यह आसन पाचन संबंधित समस्याओं को दूर करने में सहायक है. इससे पैरों और जंघाओं की माँसपेशियों की लचक भी बढ़ती है.
भद्रासन एक ध्यानात्मक आसन भी है. नासिकाग्र के अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और तनाव भी दूर होता है.
नेत्र शक्ति विकासक आसन
सीधे खड़े हो जाएं, दोनों पैर परस्पर मिले हों, पैरों से कंधे तक का भाग सीधा रखें और गर्दन को पूर्ण रूप से पीछे झुकाकर खड़े रहें.
अधिक पढ़ने और अधिक देर तक कंप्यूटर पर काम करने वालों के लिए यह उत्तम क्रिया है
नेत्र शक्ति विकासक क्रिया करने के लिए दोनों नेत्रों से पूर्णतया आंतरिक बल लगाते हुए भूमध्य में बिना पलक झपकाए देखते रहें.
जब आँखों में थकावट प्रतीत हो या आँखों में आँसू आए उससे पहले ही आँखें बंद कर लें.
कुछ पल बाद दोबारा आँखें खोलकर पहले की तरह ही अभ्यास करें. पाँच मिनट तक इस क्रिया का अभ्यास नियमित रूप से करते रहें. अंत में गर्दन सीधी कर लीजिए और कुछ देर विश्राम करें.
एकाग्रता
नेत्र शक्ति विकासक क्रिया का अभ्यास बैठ कर भी किया जा सकता है बशर्ते आप रीढ़ को सीधा रखें.
इस क्रिया का अभ्यास बैठकर तभी करें जब किसी कारणवश खड़े होकर इसका अभ्यास करने में असुविधा हो.
इस क्रिया का अभ्यास करते समय साँस के प्रति सजग रहें.
इस क्रिया के अभ्यास से आँखों की थकावट दूर होती है. अधिक पढ़ने और अधिक देर तक कंप्यूटर पर काम करने वालों के लिए यह उत्तम क्रिया है.
नियमित रूप से अभ्यास करने से एकाग्र दृष्टि प्राप्त होती है. आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नेत्र शक्ति विकासक क्रिया का महत्वपूर्ण योगदान है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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